Sunday, July 15, 2012

कोख को बचाने को... भाग रही औरतें





बीबी पुर (जींद हरियाणा) की महिलाओं, अन्य प्रदेशों की बहादुर महिलाओं को नमन जिन्होंने घर परिवार का विरोध सह ज़माने से लड़ने को ठाना .भ्रूण हत्या महा पाप है और वो भी चुन चुन कर , पहचान कर कन्या भ्रूण को नष्ट करना ..हत्या नहीं तो और क्या है ?  कोई बेहद मूर्ख ही इस तरह का  घृणित कार्य और इसकी सराहना  कर सकता है .. इस तरह के अनूठे काम को अंजाम दे खाप पंचायतों ने ये जता दिया की मन में इच्छा हो और हमारा उद्देश्य समाज की भलाई को हो तो हम सफल हो सकते हैं ..मुख्यमंत्री हूडा जी को भी धन्यवाद और आभार जिन्होंने एक करोड़ इस गाँव के विकास  के लिए और इसकी याद के लिए पुरस्कार स्वरुप नवाजे ....

अब इस पर अमल हो ..और इस की जड़ अर्थात दहेज़ का पुरजोर विरोध हो तब ही बेटियों का स्वागत होगा इस लिए दहेज़ के लिए सरकार न केवल कानून बना के सोये बल्कि अपने गुप्तचर एजेंसिस शादियों में लगाए खुद देखे खुद दहेज़ पर आक्रमण करे लोग खुल के सामने नहीं आते उन्हें उसी घर परिवार समाज में रहना है तो तिल तिल कर मरने में डरते हैं ....

बेटियों की सुरक्षा पढाई लिखाई और उनकी शादियों दहेज़ तक की चिंता सरकार को करना होगा बेटियों  को जनने  वाली माँ को केवल ११००  मुहैया करा कर सरकार अपना पल्ला नहीं झाड सकती ....ये राशि दो दिन भी नहीं चलती ..तो दहेज़ की बात तो काल है यमराज है उनके लिए .....जागो सरकार जागो ..हमारे बीच से गए भाइयों , विधायकों,  मंत्रियों जागो आप का  घर परिवार जान जहान सब कुछ इस समाज का है यहीं रहेगा यहीं पलेगा   ...कुछ तो करो इस जीवन में आप का नाम रह जाए यहाँ ......

<strong>कोख को बचाने को... भाग रही औरतें
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ये कैसा अत्याचार है
'कोख' पे प्रहार है
कोख को बचाने को
भाग रही औरतें
दानवों का राज या
पूतना का ठाठ  है
कंस राज आ गया क्या ?
फूटे अपने भाग है ..
रो रही औरतें
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उत्तर , मध्य , बिहार  से
'जींद' हरियाणा चलीं
दर्द से कराह रोयीं
आज धरती है हिली
भ्रूण हत्या 'क़त्ल' है
'इन्साफ' मांगें औरतें ....
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जाग जाओ औरतें हे !
गाँव क़स्बा है बहुत
'क्लेश' ना सहना बहन हे
मिल हरा दो तुम दनुज
कालिका चंडी बनीं
फुंफकारती अब  औरतें ...
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कृष्ण , युधिष्ठिर अरे हे !
हम सभी हैं- ना -मरे ??
मौन रह बलि ना बनो रे !
शब्दों को अपने प्राण दो
बेटियों को जन जननि हे !
संसार को संवार दो
तब खिलें ये औरतें
कोख को बचाने जो
भाग रहीं औरतें
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सुरेन्द्र कुमार शुक्ल 'भ्रमर' ५
१४.७.२०१२
८-८.३८ मध्याह्न
कुल्लू यच पी
</strong>




दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं

15 comments:

expression said...

बहुत सुन्दर...
सार्थक रचना....गहन अर्थ लिए हुए.....
समाज को ज़रूरत है ऐसे जागरूक लेखन की...
आभार
अनु

Pravin Dubey said...

सलाम इंडिया

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार (17-07-2012) को चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

अदा said...

जाग रही है नारी...
बहुत ही अच्छी प्रस्तुति...

रविकर फैजाबादी said...

सटीक विचार |
बहुत आभार ||

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीया अनु जी बहुत बहुत आभार आइये समाज में चेतना लाने, जागरूकता लाने के लिए जी तोड़ कोशिश करें ..नारियां आगे आ रही हैं और आप सब का भरपूर समर्थन मिल रहा है देख ख़ुशी होती है ..
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय प्रवीण दूबे जी आभार और स्वागत जय हिंद आइये साहित्य समाज का दर्पण हैं इस पर बल दें ..
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय शास्त्री जी नारी के इस महत्वपूर्ण कदम को आप का भरपूर समर्थन मिला बड़ी ख़ुशी हुयी बहुत बहुत आभार
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

हाँ अदा जी स्वागत है आप का और नारी समाज का जो अब बोलने लगीं अब जुर्म नहीं सहना है आइये कदम बढ़ाएं और आगे बढ़ जाएँ
भ्रमर ५

सुशील said...

सार्थक और सटीक विषय उठाने के लिये साधुवाद !!

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय सुशील जी अभिवादन आप का समर्थन पा बड़ी ख़ुशी हुयी काश ऐसे ही ये मुद्दा आग के जैसे हर जगह फैले भ्रूण हत्या और दहेज़ का हर तरफ हर तरह से विरोध हो ...
उम्मीद है की हमारा प्रबुद्ध लेखक गन इसे प्राथमिकता देगा ...भ्रमर ५

dheerendra said...

सुंदर प्रस्तुति,,,,
इसी विषय लिखी मरी रचना पढे.....
-...: वजूद....

RECENT POST ...: आई देश में आंधियाँ....

दिगम्बर नासवा said...

सार्थक और सटीक ... आज की जरूरत हैं ऐसी रचनाएं जो जागृत कर सकेहं समाज को ... बहुत लाजवाब ...

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय धीरेन्द्र जी इस मुद्दे पर आप का समर्थन मिला रचना की प्रस्तुति ठीक रही लिखना सार्थक रहा
आभार
भ्रमर 5

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय दिगंबर जी अभिवादन और धन्यवाद ..सच में आज के हालत को उभरना और उसे भरपूर समर्थन देना उनकी आवाज को हर जगह पहुँचाना बहुत जरुरी है
आभार
भ्रमर 5