नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप माँ शैल पुत्री की उपासना के साथ होतीहै। शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम शैलपुत्री है।
पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं। माँ का वाहन वृषभ है और इनके दाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का फूल है।
वन्दे वांछितलाभाय चंद्रार्धक्रतशेखराम !
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम !!
शैलपुत्री माता जो यशस्विनी हैं, जिनके मस्तक पे आधा चन्द्र सुशोभित है, जो वृष पे आरुड़ हैं , इच्छित लाभ देने वाली हैं, उनकी हम वंदना करते हैं ..........
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आज माता रानी का आगमन हुआ पूजा पाठ से मन बहुत शांत हुआ
...कलश स्थापना ..
.मन में अनुपम शांति समायी .अति सुन्दर मनोरम ..रामायण का पाठ भी प्रारम्भ हुआ
..अब नौ दिन श्रीमती जी का व्रत भी रहेगा ..आनंद दाई क्षण ..
.माँ अम्बे हम सब के लिए हर क्षण मंगल करें ...सब शुभ हो ..सब को माँ सद्बुद्धि दें ..
जय माता दी
भ्रमर 5 .
दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं
जय माता दी
ReplyDeleteराकेश भाई नवरात्रि की हार्दिक शुभ कामनाएं ...जय माता दी
ReplyDeleteभ्रमर ५