,माँ वैष्णोदेवी कुल्लू हिमाचल गुफा के अन्दर का दृश्य अँधेरा …घुटुरुवन जाओ और माँ के बच्चे सा निकल पडो …
, माँ व्यास नदी के किनारे विराजमान अपने भक्तों की प्रार्थना सुन उनकी झोलियाँ भर रही हैं
जय माता दी आज नवमी के दिन बड़े सौभाग्य से माँ भगवती वैष्णो देवी के दर्शन हुए ..माँ सब को ख़ुशी सुख असीम शांति प्रदान करें ….राक्षसों का संहार करें …
कुल्लू में इस समय धूम मची हुयी है गाँव गाँव में देवता की उपासना ढोलक की थाप और बांसुरी की मदमस्त कर देने वाली आवाज मिले जुले संगीत के सुर मन मोह ले रहे है लगता है रात रात भर जागते घूमते रहें सारे हिमाचल से दूर दराज से देवता और उपासक चल पड़े हैं जगह जगह गाँव में मुख्य जन के यहाँ विश्राम टेंट लाईटें लगीं खाना पीना शोर धूम फिर आगे बढ़ते हैं दुसरे गाँव ..कल सारे देवता जो खुश होंगे कुल्लू में जा के पहुँच जायेंगे राजा जी की सवारी दोपहर एक से दो के बीच रथ यात्रा सब देवताओं का वहां पहुंचकर विराजमान होगा देश दुनिया भर के आगंतुक मेला …रत्ती भर जगह नहीं होगी कुल्लू भर जाएगा ….और फिर आनंद देवताओं का आपस में एक दुसरे का चूमना आलिंगन करना रुष्ट होना और मजिस्ट्रेट का उन्हें मनाना बहुत कुछ होगा …..सुन कर ताज्जुब होता है लेकिन देवता असली रूप में सब कुछ ……बीच मैदान में गोल तम्बू लाल सज गया है जिसमे भगवन राम विराजेंगे कल ..पुलिस प्रशाशन चुस्त दुरुस्त …महिला पुलिस टुकड़ी भी शिमला से पधार चुकी है …गजब का नजारा ….
जय माता दी ….माँ सब की खैर करें ….
दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं