Wednesday, August 14, 2013

कदम ताल से धरती कांपी- चले हिन्द के वीर

कदम ताल से धरती कांपी
चले हिन्द के वीर
लिए तिरंगा चोटी  चढ़ के
   गरजे ले शमशीर .............
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भारत माँ ले रहीं सलामी
खुशियों का सागर उमड़ा
गले मिले सन्तति सब उनकी
ह्रदय कमल खिल-खिला पड़ा
कदम ताल से धरती कांपी ................
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भारत माँ   हैं जान से प्यारी
संस्कृति अपनी बड़ी दुलारी
प्रेम शान्ति का पाठ पढ़े हम
अनगिन भाषा खिले हैं क्यारी
कदम ताल से धरती कांपी ................
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नई नई नित खोज किये हम
विश्व गुरु बन दुनिया पाठ पढाये
वसुधा सागर गगन भेद के
सूक्ष्म ,तपस्या , योग सिखाये
कदम ताल से धरती कांपी ................
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हम  स्वतंत्र हैं प्रजातंत्र है
अपना सब का प्यारा राज
यहाँ अहिंसा भाईचारा नीति नियम है
 सभी मनाएं भाँति -भांति हिल-मिल त्यौहार
कदम ताल से धरती कांपी ................
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शेर हैं हम नरसिंह है हम वीर बड़े हैं
अर्जुन एकलव्य से हैं तो भीष्म अटल हैं
कायर दुश्मन वार कभी पीछे करते हैं
लिए तिरंगा छाती चढ़ते वीर हमारे अजर अमर हैं 
कदम ताल से धरती कांपी ................
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प्रेम शान्ति का पाठ पढो हे दुनिया वालों
ना कर तांडव नाश सृष्टि का इसे बचा लो
ज्ञान दंभ पाखण्ड लूट बेचैनी से तुम घिरे पड़े हो
अन्तः झांको ,ज्वालामुखी धधकता 'स्व' को अभी बचा लो
दूध की नदिया सोने चिड़िया से गुर सीखो
कल्पवृक्ष भारत अगाध है प्रेम लुटाना लेना सीखो
कदम ताल से धरती कांपी ................
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सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
प्रतापगढ़ भारत

कुल्लू -हिमाचल




दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं

10 comments:

sushma 'आहुति' said...

आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक मंगलकामनाएँ

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

वाह !!! बहुत सुंदर रचना,,,

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,

RECENT POST: आज़ादी की वर्षगांठ.

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर कविता भ्रमर जी .
प्रेम शान्ति का पाठ पढो हे दुनिया वालों
ना कर तांडव नाश सृष्टि का इसे बचा लो
ज्ञान दंभ पाखण्ड लूट बेचैनी से तुम घिरे पड़े हो
अन्तः झांको ,ज्वालामुखी धधकता 'स्व' को अभी बचा
सुन्दर पंक्तियाँ .
..राजीव कुमार झा
ताश के बावन पत्ते : http://dehatrkj.blogspot.com/2013/08/blog-post_10.html
मेरे घर आना गोरैया:http://dehatrkj.blogspot.com/2013/08/blog-post_15.html

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीया सुषमा जी आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक मंगलकामनाएँ
शुभ कामनाएं
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

धीरेन्द्र भाई आप को भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक
शुभ कामनाएं
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

राजीव भाई प्रोत्साहन हेतु आभार आप को स्वतंत्रता दिवस की हार्दीक शुभ कामनाएं
भ्रमर ५

ajay yadav said...

आदरणीय भ्रमर जी,
मैं ब्लॉगर पर आपके खूबसूरत ब्लोग्स और उनपर आपकी विशिष्ट शैली युक्त रचनाये पढ़कर बहुत हर्षित हूँ |
बड़ी जोशपूर्ण रचना ..उत्साह बढाती ..जय भारत माता |
नई पोस्ट-
“ तेरा एहसान हैं बाबा !{Attitude of Gratitude}"
“प्रेम ...प्रेम ...प्रेम बस प्रेम रह जाता हैं "

surendrshuklabhramar5 said...

प्रिय अजय जी बहुत बहुत आभार और अभिनंदन आप का इस ब्लॉग के समर्थन हेतु रचनाएँ आप के मन को छू सकी लिखना सार्थक रहा
आभार
भ्रमर ५

सतीश सक्सेना said...

यह हुई न बात ..
बधाई भ्रमर जी !

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय सतीश जी बहुत बहुत आभार आप से प्रोत्साहन मिला मन हर्ष से भर गया
भ्रमर ५