Tuesday, June 11, 2013

एक तल्ले पे था चाँद तो उन दिनों

पर कटे से पड़े तडफडाते रहे 
इश्क़ में उनके ऐसे फँसे दोस्तोँ !



( photo with thanks from google/net)

रूबरू वो हुये चार पल के लिए 
जाम नैनों अधर के पिला दोस्तों !

मयकशी में मुकद्दर के मारे तभी 
लूट हँसते चले रोते हम दोस्तों !

मुड़  के देखे कभी दिल को छलनी किये 
पैठ दिल में बना वो गए दोस्तों !

पंछी उड़ता रहा दाना चुगता रहा 
हम ठगे से खड़े देखते दोस्तों !

एक तल्ले पे था चाँद तो उन दिनों 
सौ अटारी चढ़ा अब लगे दोस्तों !

दिन में दिखता  नहीं रात अठखेलियाँ 
बादलों को खिलौना बना दोस्तों !

मुझसे बादल कई छू गये ख्वाब ले 
अपनी हस्ती मिटा खो गए दोस्तों !

चाँद पूरा कभी ये अधूरा करे 
रौशनी कर अमावस दिखा दोस्तों !

हम भी सूरज थे कल आज जुगनू बने 
खुश मगर चाँद दिखता  तो  है दोस्तों !

हूँ  'भ्रमर' पर-कटा कैद उनकी पडा 
इश्क काँटों में खुशबू भी है दोस्तों ! 


सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५ 
कुल्लू हि प्र. 
८ जून 2 0 1 3 -12 .39 पूर्वाह्ण  


दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं

19 comments:

Shalini Kaushik said...

बहुत सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति आभार जो बोया वही काट रहे आडवानी आप भी दें अपना मत सूरज पंचोली दंड के भागी .नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

राजेंद्र कुमार said...

आपकी यह रचना कल गुरुवार (13-06-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय राजेन्द्र कुमार जी इस रचना ने आप के मन को छुवा सुन ख़ुशी हुयी आभार ब्लॉग प्रसारण के लिए इसे आप ने चुन ख़ुशी हुयी आभार ,,जय श्री राधे
भ्रमर ५

दिलबाग विर्क said...

आपकी यह प्रस्तुति कल चर्चा मंच पर है
धन्यवाद

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय दिलबाग जी आप ने इस रचना को मान दिया सुन के हर्ष हुआ अपना स्नेह बनाये रखें
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा June 12, 2013
हम भी सूरज थे कल आज जुगनू बने
खुश मगर चाँद दिखता तो है दोस्तों !
हूँ ‘भ्रमर’ पर-कटा कैद उनकी पडा
इश्क काँटों में खुशबू भी है दोस्तों !
वाह आदरनीय भ्रमर जी
सादर अभिवादन
हिरा चुन के लायें हैं
बधाई
श्री राधे राधे

surendra shukla bhramar5 के द्वारा June 12, 2013
आदरणीय कुशवाहा जी
हीरा आप के मन को भाया
और हमने प्रोत्साहन पाया
अब और आप के लिए यूं ही चुन के लाते रहेंगे जय हो जय श्री राधे
भ्रमर ५
shalinikaushik के द्वारा June 11, 2013
बहुत सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति आभार जो बोया वही काट रहे आडवानी आप भी दें अपना मत सूरज पंचोली दंड के भागी .नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

surendra shukla bhramar5 के द्वारा June 12, 2013
आदरणीया शालिनी जी प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत आभार ….रचना के भाव आप के मन को छू सके सुन हर्ष हुआ
जय श्री राधे
भ्रमर ५
jlsingh के द्वारा June 11, 2013
चाँद पूरा कभी ये अधूरा करे
रौशनी कर अमावस दिखा दोस्तों !
हम भी सूरज थे कल आज जुगनू बने
खुश मगर चाँद दिखता तो है दोस्तों !
हूँ ‘भ्रमर’ पर-कटा कैद उनकी पडा
इश्क काँटों में खुशबू भी है दोस्तों !
प्रणाम बड़े भाई!
अभी ठीक से याद नहीं आ रहा, पर पढ़ा था, कांटे भ्रमर के तन को वेध देता है, पर भ्रमर फूलों पर गुंजार करना मंडराना छोड़ता नहीं … भाई साहब आप ठीक वैसे ही लिखते हो! बहुत बहुत शुभकामना और बधाई!
इस राजनीति के भंवर में चाँद दिखा और भीने फूलों की खुशबू!

surendra shukla bhramar5 के द्वारा June 12, 2013
प्रिय और आदरणीय जवाहर भाई जय श्री राधे खूबसूरत बोल आप के ….इस राजनीति के भंवर में चाँद दिखा और भीने फूलों की खुशबू!…आप के शब्द मन को छू जाते हैं ….भ्रमर के बारे में ठीक ही कहा आप ने
कांटे भ्रमर के तन को वेध देते हैं , पर भ्रमर फूलों पर गुंजार करना मंडराना छोड़ता नहीं….आप का स्नेह और आशीष बना रहे हम भी यदा कदा आप सब के बीच आते रहें तो आनंद और आये
भ्रमर ५

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

भावपूर्ण सुंदर प्रस्तुति,,,बधाई ,

recent post : मैनें अपने कल को देखा,

surendrshuklabhramar5 said...

धीरेन्द्र भाई प्रोत्साहन के लिए आभार ...जय श्री राधे
भ्रमर ५

निहार रंजन said...

शानदार ग़ज़ल.

कालीपद प्रसाद said...

सुन्दर भाव पूर्ण अभिव्यक्ति !
अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
latest post: प्रेम- पहेली
LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !

शिवनाथ कुमार said...

प्रेम में कैद होने का अपना ही आनंद है
सुन्दर लाजवाब रचना
साभार !

कविता रावत said...

हूँ 'भ्रमर' पर-कटा कैद उनकी पडा
इश्क काँटों में खुशबू भी है दोस्तों !
..बहुत खूब! खूबसूरत प्रस्तुति

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय काली पद जी प्रोत्साहन के लिए आभार
भ्रमर 5

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय शिवनाथ जी
प्रेम में कैद होने का अपना ही आनंद है सच कहा आपने सच है प्रोत्साहन के लिए आभार
भ्रमर 5

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीया कविता जी रचना आप के मन को छू सकी मन अभिभूत हुआ
प्रोत्साहन के लिए आभार
भ्रमर 5

संजय भास्‍कर said...

इश्क काँटों में खुशबू भी है दोस्तों !
...... खूबसूरत प्रस्तुति
जरूरी कार्यो के ब्लॉगजगत से दूर था
आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

संजय भाई आये मन खुश हुआ प्रोत्साहन के लिए आभार ..भ्रमर ५ Nice to come here ...Jay Sri Radhey ...Bhramar5, http://surenrashuklabhramar.blogspot.com/

shorya Malik said...

शब्दों का बहुत सुंदर प्रयोग , दिली शुभकामना

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय मालिक जी अभिनंदन है आप का इस ब्लॉग पर ..रचना पर आप का प्रोत्साहन मिला ख़ुशी हुयी
आभार
भ्रमर ५