Wednesday, July 18, 2012

भाव भीनी श्रद्धांजलि-हमारे प्रिय अभिनेता सुपर स्टार राजेश खन्ना




हमारे प्रिय अभिनेता सुपर स्टार राजेश खन्ना आज हम सब को छोड़ चले उनके जाने से आज हमारे बालीवुड और हम सभी उनके फैन्स , प्रशंसकों के दिल में दर्द भर गया एक अपार कमी महसूस की जाने लगी ! ६९ वर्ष की अवस्था तक हँसते मुस्कुराते अपने प्रशंसकों को हंसाते उन्होंने साथ निभाया हम अपनी और सभी मित्रों की तरफ से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते भाव भीनी श्रद्धांजलि देते हैं !
एक दौर था जब की फ़िल्मी जगत में वे अरसे तक छाये रहे सुपर स्टार बने और लगातार उनकी फिल्मे हिट होती रहीं स्कूल कालेज के दिनों में ही विद्यार्थियों में भी इतना क्रेज देखा जाता था 
उनकी अदाएं उनका अलग अंदाज शाल ओढ़ कर उनके हाथों का घुमाना आसमान की तरफ देख उस प्रभु से आत्म मिलन करना यादें ही यादें 
१९६९ से १९७२ तक लगभग १५ फिल्मे लगातार हिट रहीं काका जी छाये रहे बुलंदियों पर ...आराधना की सफलता ने सब के दिलों में उन्हें बसा दिया ..कितनी अल्हड लड़कियों ने अपने को उनकी फोटो से भंवर ले  श्रीमती राजेश खन्ना कहने में फख्र समझा ..फिर  थोड़ी सी बेवफाई, आखिर क्यों, अगर तुम न होते , अवतार और अमृत में यादगार अभिनय रहा रोमांटिक हीरो के साथ दर्द का मंजर भी उन्होंने बखूबी दिखा रुला दिया ...
१९९२ में दिल्ली से सांसद बने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर ! 
उनकी एक तमन्ना थी जय जय शिव शंकर फिल्म भोले  बाबा की नगरी वाराणसी के ऊपर बने उन्होंने कई बार वहां का दौरा भी किया था लेकिन राजनीति और ये फ़िल्मी मायावी दुनिया में तालमेल न हो पाने से ये ख्वाब अधूरा रहा ..
अंत में डिम्पल जी साथ आयीं  , बेटी ट्विंकल , दामाद अक्षय साथ रहे लेकिन छोटी बेटी रिंकी लन्दन में ही रही , लोगों ने प्रार्थनाएं हवं यज्ञं किये लेकिन प्रभु की माया एक न एक दिन तो जाना ही है सब को सब कुछ छोड़ ..प्रभु उनके घर परिवार सब को शांति दे ....संबल दे ....
उनका डायलाग की न शोहरते न इज्जत न कामयाबी कुछ भी साथ  नहीं जाएगा और दौर बदल जाएगा सच ही हो गया .....
२००९ में ईफा से लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार 
फिल्म फेयर 
२००५ लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार 
१९९०- विशिष्ट पुरस्कार 
१९७५-अविष्कार के लिए बेस्ट एक्टर-1973
१९७२-आनंद के लिए बेस्ट एक्टर -१९७१
१९७१- सच्चा झूठा के लिए बेस्ट एक्टर  -१९७० 
स्क्रीन वीकली पुरस्कार 
२००४- लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार 
फिल्म फेयर के लिए तो लगभग १४ बार उनके नाम को प्रस्तावित किया गया 




जिस गली में तेरा घर न हो बालमा ...
प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है 
आज न छोड़ेंगे हम हमजोली 
यह शाम मस्तानी मदहोश किये जाए 
ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है 
किशोर जी की आवाज उनके लिए वरदान थी अद्भुत समन्वय .....

अब नम  आँखों से और ख्यालों में खो और क्या कहना बस यही ....
दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते हैं कहाँ ???

भ्रमर ५ 




दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं

2 comments:

dheerendra said...

ईश्वर उनकी आत्मा शांती प्रदान करे,,,,

RECENT POST ...: आई देश में आंधियाँ....

surendrshuklabhramar5 said...

प्रिय धीरेन्द्र जी धन्यवाद और आभार आप का काका को श्रद्धांजलि
भ्रमर 5