Wednesday, August 10, 2011

“मै” मेरी खाल-मेरा ढोल (थाली बजाओ)


दिल में उठा एक जूनून
जोश -खौलता खून
कलयुग की आंधी
is
श्वेत वस्त्र- एक टोपी-
खादी -सूखी रोटी
बड़ी लडाई लड़ते आया
मरते-मरते बचते आया
दो चार लोग पीठ ठोंक
आगे झोंक देते
हम देख लेंगे
पीछे हैं हम आप के
नगाड़ा पीटिये
ढोल बजाइए
थाली बजाइए
Anna-Rocks-Anna-Hazare-Jantar-Mantar
बहरों को जगाइए
आवाज बुलंद हो
संसद हिल जाए
जनता खिल जाए
जनता मालिक है
अपने पसीने की – खाने का
अधिकार है –
भूखे को अनशन का !
खुद बोया तो खुद काटे
काहे काले कौवों को बाँटें !
—————————
भीड़ जुटी -एक-दस-सौ -लाख
people1
रावण का पुतला जलाने को
तमाशा-राम और रावण
महाभारत बनाने को
दो मुहे सांप-मीडिया-बाजीगरी
————————————–
पर अगले कुछ पल थे भारी !
धमाका -धुंआ -धुन्ध
चीख पुकार द्वन्द
रावण – राक्षस बिखर गए !
रक्त-बीज बन -फिर
जम गए -थम गए !!
अँधेरे कोहराम धुन्ध के आदी थे
और उधर मैदान-ए-जँग में -बाकी थे
“एक” अभिमन्यु
चरमराता हमारा ढाँचा
मै -मेरी खाल-मेरी ढोल
जिसमे था बड़ा पोल
आवाज ही आवाज बस
पीछे मेरे दस लाख करोड़ से
करोड़ -लाख-दस जा चुके थे
कहाँ ये कंगाल के साथ कब रहे हैं ???
शिखंडी-दुर्योधन-धृत-राष्ट्र
बेचारी ये जनता ये अधमरा राष्ट्र
————————————–
और पानी की तेज बौछार
ने मेरी आँखें खोल दी
धूल चाटते कीचड में सना पड़ा मै
जन गण मन अधिनायक जय हे !!!
boy
गाता -कराह उठा !!!
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल “भ्रमर”५
००.२३ पूर्वाह्न
१०.०८.२०११ जल पी बी



दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन जाऊं

12 comments:

S.N SHUKLA said...

बहुत सुन्दर रचना ,सार्थक प्रस्तुति

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय यस यन शुक्ल जी हार्दिक अभिवादन -
रचना पसंद आयी आप ने इस के अंतर्निहिती भावों को समझा सुन हर्ष हुआ काश हमारे सभी प्रिय बंधू इस को ऐसे ही लें
आभार प्रोत्साहन हेतु
भ्रमर ५

S.N SHUKLA said...

भ्रमर जी आप मेरे ब्लॉग पर आये , स्वागत है विचारों का यह संपर्क निरंतर बना रहेगा, ऐसी अपेक्षा है , धन्यवाद .

संजय भास्कर said...

अरे कमाल का लिखा है आज तो……………मेरे पास तो शब्द कम पड गये है तारीफ़ के लिये…………अद्भुत्।

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय शुक्ल जी अच्छाई को तो सर आँखों पर बिठाना ही चाहिए -धन्यवाद आप का

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय संजय जी आभार आप का प्रोत्साहन हेतु आइये आपने छोटे हाथों को जितनी दूर फैला सकें -प्यारी प्रतिक्रिया आप की इस समय कुछ लिखिए ...
भ्रमर ५

Rajesh Kumari said...

aapki rachna ne to nihshabd kar diya kya kahun taareef ke liye shabd kam pad rahe hain.aapke precious comment ki aabhari hoon.yeh sneh banaaye rakhiyega.

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीय राजेश कुमारी जी आप की सुंदर प्रतिक्रिया इस हालात के मद्दे नजर -जब की इसको सब के समर्थन की अति आवश्यकता है अपना सुझाव व् समर्थन बनाये रखें -भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय अरुणेश सी दवे जी भरमार का दर्द और दर्पण को आप का समर्थन मिला -आप का अभिनन्दन है -आभार -भ्रमर ५

veerubhai said...

अन्ना के हैं आदमी चार जिनसे डरती है सरकार .अच्छी कलम चलाई है ,अधमरे राष्ट्र की स्मृति लौट आई है .......
कृपया यहाँ भी आपकी मौजूदगी अपेक्षित है -http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2011/08/blog-post_9034.हटमल
Friday, August 12, 2011
रजोनिवृत्ती में बे -असर सिद्ध हुई है सोया प्रोटीन .

http://veerubhai1947.blogspot.com/
बृहस्पतिवार, ११ अगस्त २०११
Early morning smokers have higher cancer रिस्क.

S.N SHUKLA said...

रक्षाबंधन एवं स्वाधीनता दिवस के पावन पर्वों की हार्दिक मंगल कामनाएं.

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय शुक्ल जी और आदरणीय वीरुभायी जी
आभार आप सब का -देश प्रेम को सर आँखों पर बिठाने के लिए
आप सब को भी राखी और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं
धन्यवाद आप का
भ्रमर५